1.
किसी को झील सा खारा लगता तो
किसी को जहर सा कड़वा लगता हूँ
यह मेरा किरदार है जनाब
कि ये मेरा किरदार है जनाब
जो जैसा है मैं आपको कैसा लगता हूं
2.
रास्ते में तनहा छोड़ तो ना दोगे
वादे कसमे तोड़ तो ना दोगे
और डालकर अपनी आदत मुझे
कि डालकर अपनी आदत मुझे
हम से मुंह मोड़ तो ना लोगे
3.
मेरी दुआओं में शामिल तू कल भी था
और कल भी रहेगा
कि मेरी दुआओं में शामिल तू कल भी था
और कल भी रहेगा
बस तू हमारा ना हो सका
एक इसी बात का मलाल रहेगा
4.
तेरे हिस्से की बहुत सारी बातें बचा रखी है
हमने
कि तेरे हिस्से की बहुत सारी बातें बचा रखी है
हमने
लोकडाउन खुलेगा तो तसल्ली से बात करेंगे
5.
बात बात पर दूर जाने की बात करता है
अब वो
कि बात बात पर दूर जाने की बात करता है
अब वो
लगता है किसी और से प्यार करता है
अब वो
6.
सब ख़ामोश है यहां
कोई आवाज नहीं करता
कि सब ख़ामोश है यहां
कोई आवाज नहीं करता
सच सब जानते हैं पर
कोई किसी को
नाराज़ नहीं करता
7.
देर से ही सही मगर ये लोग बदलते जरूर हैंकि देर से ही सही मगर ये लोग बदलते जरूर हैंहम चाहे सही हो या गलत मगर ये लोग परखते जरूर हैं
8.
इतनी मुसिबतो के बाद भी मुकम्मल खड़े हैंकि इतनी मुसिबतो के बाद भी मुकम्मल खड़े हैंदेख जिंदगी मेरे हौसले तुझसे भी बड़े हैं
9.
लेकर मेरा नाम वो मुझे कोसता तो हैकि लेकर मेरा नाम वो मुझे कोसता तो हैचलो नफरत से ही सही वो मुझे सोचता तो है
10.
तड़प कर देखो किसी की चाहत मेंतब पता चले कि इंतजार क्या होता हैकि तड़प कर देखो किसी के पर्याय मेंतो पता चले कि प्यार क्या होता हैबिना तड़पें अगर कोई मिल जाएतो कैसे पता चले कि प्यार क्या होता है
11.
हमारी मुसीबतें सुनकर तो अपनों ने भी रुख मोड़ लियाकि हमारी मुसीबतें सुनकर तो अपनों ने भी रुख मोड़ लियाअब इसमें आपकी क्या गलती जो आपने भी दिल तोड़ दिया
12.
समझ ना सका कोई दिल की बात कोदर्द दुनिया ने बिना सोचे ही दे दियाकि समझ ना सका कोई दिल की बात कोदर्द दुनिया ने बिना सोचे ही दे दियाचुपचाप सह लिए हमने सारे ग़मतो लोगों ने पत्थर दिल हमें ही कह दिया
13.
सारे जहां को एक शब्द में बयां करना आ गया
कि सारे जहां को एक शब्द में बयां करना आ गया
एक छोटे से बच्चे को मां कहना आ गया
14.
गुज़ारिश हमारी वो कभी जान ना सके
कि मजबूरी हमारी वो कभी जान ना सके
कहते थे कि मरने के बाद भी याद रखेंगे
कि कहते थे कि मरने के बाद भी याद रखेंगे
जीते जी जो कभी हमें पहचान ना सके
15.
मोहब्बत का कोई कसूर नहीं
उसे तो मुझसे रूठना ही था
कि मोहब्बत का कोई कसूर नहीं
उसे तो मुझसे रूठना ही था
और शीशे जैसा साफ था मेरा दिल
उसका अंजाम तो टूटना ही था
16.
बात ये नहीं कि मेरा कोई हो नहीं सकता
कि बात ये नहीं कि मेरा कोई हो नहीं सकता
सच तो ये है कि तेरी जगह कोई ले नहीं सकता
17.
क्या जमाना है ना यारों
जो लोग Offline हैं वो अपने हंसते हुए चेहरे के
पीछे ना जाने कितनी Feelings को छुपाते हैं
और जो लोग Online हैं वो अपनी कितनी
Feelings को एक Emoji के पीछे छुपाते हैं
18.
खुशियों में तुम्हें याद करूंगा
मैं अपने ग़मों में तुम्हें परेशान करूंगा
तुमसे इस कदर दोस्ती निभाऊंगा
19.
ख्वाबों को आंखों से चुराना मेरी आदत नहीं है
किसी अपने को भूल जाना मेरी आदत नहीं है
और आंसू आ जाते हैं किसी अपने को याद करके
कि आंसू आ जाते हैं किसी अपने को याद करके
पर किसी और को रूलाना मेरी आदत नहीं है
20.
इस तरह रुठकर ना जाया करो
दिल को यू तकलीफ ना पहुंचाया करो
बड़ा मुश्किल है तुम्हारे बिना जीना
मेरज प्यार पर कुछ तो तरस खाया करो
21.
बेशक आप ज्ञान देने में माहिर हैं
मगर हमें समझाने की....
जरुरत इच्च नहीं है
जरुरत इच्च नहीं है
जरुरत इच्च नहीं है
22.
पानी से तस्वीर कहां बनती हैं
ख्वाबों से तकदीर कहां बनती है
और एक ही जिंदगी है खुलकर जियो यारों
कि एक ही जिंदगी है खुलकर जियो यारों
जिंदगी है ये...
ये दोबारा कहां मिलती है
23.
कौन कहता है कि हंसी के पीछे ग़म नहीं होता
कौन कहता है कि अंधेरे के पीछे उजाला नही होता
कि जैसा दिखता है वैसा हर बार नही होता
और हर बार सबके साथ बुरा व्यवहार ठीक नहीं होता
24.
कभी अकेले बैठकर मुस्कुरा कर देखना
दिल पर लगी गहरी चोट भूलाकर देखना
तेरी जिंदगी खुशी से खिल उठेगी
कभी खुद के ऊपर प्यार के कुछ पल लूटाकर देखना
25.
नफ़रत को हम प्यार बना देते हैं
पर्याय पे सारी खुशियां वार देते हैं
और हमसे सोच समझकर कुछ वादा करना
कि हमसे सोच समझकर कुछ वादा करना मेरे दोस्त
क्योंकि वादे पर हम पूरी जिंदगी गुजार देते हैं
26.
हम दोनों कभी एक थे ही नहीं
तुम, तुम थी और मैं, मैं था
कि हम दोनों कभी एक थे ही नहीं
तुम, तुम थी और मैं, यू था
तुम तो सिर्फ हंसी मजाक करती थी
दर्द में तो सिर्फ मैं था
27.
हंसकर अब सारे दर्द सह लेते हैं
चोट लगने पर भी सिर्फ मुस्कुरा लेते हैं
और अब सबको बताने की आदत छोड़ दी हमने
तेरे जाने के बाद सिर्फ़ चुपचाप रो लेते हैं
28.
इश्क की राहों में कहीं छांव है तो कभी धूप है
कि इश्क की राहों में कहीं छांव है तो कहीं धूप है
वो मुझसे अब दूर रहती है
शायद किसी ने उसे समझाया बहुत खूब है
29.
एक मैं हूं जो समझ ना सका खुद को आज तक
कि एक मैं हूं जो समझ ना सका खुद को आज तक
और एक लोग हैं जो पता नहीं क्या क्या समझ लेते हैं
30.
कैसे गुजर रही है पूछते हैं सब
कि कैसे गुजर रही है पूछते हैं सब
कैसे गुजारता हूं कोई पूछता ही नहीं






























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