आग लगी है दिल में, जलती हुई इश्क़ की लहरों में,
छूना चाहता हूँ तुझे, भरी हुई रूह के दरियों में।
तेरे जिस्म की गर्माहट में, खो जाना चाहता हूँ मैं,
तेरी बाहों की चादर में, सो जाना चाहता हूँ मैं।
होंठों की मिठास में, खो जाना चाहता हूँ मैं,
तेरे आगे बिखर जाना, मर जाना चाहता हूँ मैं।
तेरी आवाज की मधुरता में, खो जाना चाहता हूँ मैं,
तेरे लबों की नरमी में, बह जाना चाहता हूँ मैं।
इश्क़ की बारिश में, भिगो जाना चाहता हूँ मैं,
तेरे संग रंगी नहा कर, गर्मी बुझाना चाहता हूँ मैं।
दिल बहुत तड़प रहा है, तेरी दर्द भरी नजरों में,
तुझे अपनी जान बनाकर, तेरे गम में मरना चाहता हूँ मैं।
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